टाटा मेन अस्पताल में मरीजों को राहत, रजिस्ट्रेशन शुल्क फिर ₹100 हुआ

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Gua :  नोवामुंडी स्थित टाटा मेन अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब रजिस्ट्रेशन के लिए फिर से 100 रुपये देने होंगे। टाटा स्टील प्रबंधन ने हाल में बढ़ाए गए रजिस्ट्रेशन शुल्क को घटाकर पूर्व निर्धारित दर पर बहाल करने का निर्णय लिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल और शुल्क वृद्धि से मरीजों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया।

जिला परिषद सदस्य ने प्रबंधन से की थी मांग

जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी ने टाटा स्टील के महाप्रबंधक (ओएमक्यू) देवाशीष जेना को पत्र सौंपकर बढ़े हुए चिकित्सा शुल्क को वापस लेने और पुरानी दरें लागू करने का आग्रह किया था।

पत्र में उन्होंने बताया था कि नोवामुंडी और आसपास के क्षेत्र दूर-दराज तथा वनबहुल इलाके हैं। यहां बड़ी संख्या में आदिवासी, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार रहते हैं। ऐसे में अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सकीय परामर्श शुल्क में भारी बढ़ोतरी से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासकर नियमित इलाज कराने वाले लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार, चिकित्सकीय परामर्श शुल्क में लगभग छह से सात गुना तक वृद्धि की गई थी। इसे जनहित में संशोधित करने की मांग उठाई गई थी।

प्रबंधन ने दिया शुल्क बहाल करने का आश्वासन

इस मुद्दे पर हुई बैठक में टाटा स्टील के महाप्रबंधक देवाशीष जेना ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि रजिस्ट्रेशन शुल्क जल्द ही घटाकर पूर्व की तरह 100 रुपये कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टाटा स्टील अपने संचालन के लिए अस्पताल से होने वाली आय पर निर्भर नहीं है। अस्पताल से प्राप्त राजस्व का उपयोग मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाता है।

बैठक के बाद प्रबंधन ने रजिस्ट्रेशन शुल्क घटाकर 100 रुपये करने का निर्णय लिया।

ग्रामीण और आदिवासी मरीजों को मिलेगी राहत

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रबंधन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती से नोवामुंडी और आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों से इलाज कराने आने वाले जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी।

बैठक में टाटा स्टील के एचआर प्रतिनिधि चंदन साहू, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, डिप्टी चीफ ज्योति दास, किरीबुरू पश्चिम पंचायत की मुखिया पार्वती किड़ो, मेघाहातुबुरु दक्षिण पंचायत की मुखिया प्रफुल्लित ग्लोरिया और मेघाहातुबुरु उत्तर पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा उपस्थित थीं।

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