जमशेदपुर में अपराध और राजनीति के कथित गठजोड़ पर सरयू राय का हमला, बन्ना गुप्ता पर लगाए गंभीर आरोप

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बोले—पुराने सहयोगियों से डेढ़ साल पहले खत्म हो चुका संबंध, सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने की सुनियोजित कोशिश; कथित रिकॉर्डिंग की जांच की मांग

Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सोमवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से शहर की राजनीति और अपराध जगत के कथित बदलते समीकरणों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जमशेदपुर में आपराधिक गिरोहों के बीच समीकरण और निष्ठाएं बदल रही हैं तथा उनके नाम को आपराधिक गतिविधियों से जोड़कर सोशल मीडिया पर उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। सरयू राय ने इन कथित गतिविधियों के केंद्र में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को बताया।

सरयू राय ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर लगाकर यह सवाल किया जा रहा है कि क्या जमशेदपुर में अपराधियों को उनका संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने इसे बिना प्रमाण का दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि उनकी तस्वीरों और नाम का इस्तेमाल कर आपराधिक घटनाओं से उनका संबंध जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट के जरिए तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगाया।

निखार और हरेराम से डेढ़ साल पहले संबंध खत्म होने का दावा

सरयू राय ने निखार सबलोक और हरेराम सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों से उनके संबंध करीब डेढ़ साल पहले समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान निखार ने उनके साथ काम किया था, लेकिन उसके बाद वह उनके साथ नहीं था। बाद में वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ जुड़ गया और अब उसकी हत्या हो चुकी है।

राय ने कहा कि निखार का नाम सोनारी में प्लॉटिंग से जुड़े एक मामले में सामने आया था, जबकि सिदगोड़ा में खाली जमीन पर चहारदीवारी खड़ी किए जाने के मामले में हरेराम सिंह का नाम आया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों से पुराने संबंधों को आधार बनाकर उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है। राय ने कहा कि संबंधित लोगों की वर्तमान गतिविधियों के लिए वह किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं हैं।

जमीन कब्जाने के कथित प्रयास का किया जिक्र

फेसबुक लाइव में सरयू राय ने करीब डेढ़ से पौने दो साल पुराने एक प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कदमा में एक आयुर्वेदिक दुकान के उद्घाटन के बाद कुछ लोगों के साथ लौटते समय उन्होंने एक बड़े खाली भूखंड को देखा था। उनके अनुसार, उन्होंने पहले ही तत्कालीन उपायुक्त से उक्त जमीन पर सरकारी संस्थान स्थापित करने की जरूरत की बात कही थी।

राय के अनुसार, उसी शाम निखार सबलोक उनके घर पहुंचे और उक्त जमीन को लेकर अपनी रुचि जताई। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने निखार से स्पष्ट कहा था कि जमीन पर कब्जे अथवा किसी अवैध गतिविधि में वह उनका सहयोग नहीं करेंगे। राय के मुताबिक, इसके बाद निखार उनसे अलग हो गए। हरेराम सिंह के संबंध में भी उन्होंने इसी तरह संबंध समाप्त होने की बात कही।

अपराधी गिरोहों की ‘लॉयल्टी शिफ्ट’ का दावा

सरयू राय ने कहा कि निखार की हत्या के बाद शहर में आपराधिक गिरोहों के समीकरण बदले हैं और उनकी “लॉयल्टी शिफ्ट” हुई है। उन्होंने दावा किया कि निखार अक्सर बन्ना गुप्ता के कार्यालय में बैठते थे और मानगो क्षेत्र में भी उन्होंने अपना प्रभाव बढ़ाया था। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि निखार और अन्य लोगों की वर्तमान गतिविधियों को उनके साथ जोड़ना गलत है।

अशोक सिंह राघव के मोबाइल की कथित रिकॉर्डिंग की जांच की मांग

राय ने निखार सबलोक हत्याकांड में गिरफ्तार बताए जा रहे अशोक सिंह राघव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों से उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस ने राघव को मामले में मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में गिरफ्तार किया है और उसका मोबाइल जब्त किया गया है।

राय के अनुसार, राघव ने उन्हें बताया था कि उसके मोबाइल में फोन कॉल रिकॉर्ड होती हैं और उसने राय के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्हें सुनाई थी। राय ने दावा किया कि राघव ने बन्ना गुप्ता के साथ हुई कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उन्हें सुनाई थी। उन्होंने पुलिस से मोबाइल में मौजूद रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की।

‘रणनीति के तहत कर रहा हूं’ वाली कथित बातचीत का किया उल्लेख

सरयू राय ने राघव के हवाले से बन्ना गुप्ता और कथित गैंग समीकरणों को लेकर एक बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राघव ने उन्हें बताया था कि उसने अपनी महंगी चेन बन्ना गुप्ता को दी थी और बाद में उसे वापस लेने की बात हुई।

राय के अनुसार, राघव ने बन्ना गुप्ता से कथित तौर पर सवाल किया था कि वे लोग गणेश सिंह गिरोह के खिलाफ हैं, लेकिन इन दिनों उसी समूह को तवज्जो क्यों दी जा रही है और निखार का भी आना-जाना क्यों है। राय ने राघव के हवाले से दावा किया कि इसके जवाब में बन्ना गुप्ता ने इसे रणनीति का हिस्सा बताया था। सरयू राय ने इस कथित बातचीत और रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की।

टाटा स्टील कर्मचारियों से कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग का भी जिक्र

सरयू राय ने दावा किया कि बन्ना गुप्ता द्वारा टाटा स्टील के कुछ कर्मचारियों को कथित रूप से डांटने-फटकारने से संबंधित रिकॉर्डिंग भी कुछ लोगों के पास है। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी रिकॉर्डिंग की जांच होनी चाहिए।

अमित शर्मा को कथित गाली-गलौज का मामला उठाया

फेसबुक लाइव के दौरान सरयू राय ने भाजपा नेता अमित शर्मा को कथित तौर पर फोन पर गाली दिए जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमित शर्मा को पहले भी व्हाट्सऐप कॉल और इंटरनेट कॉल के माध्यम से गालियां दी गई थीं, जिसके बाद उनकी सलाह पर मामला दर्ज कराया गया था।

राय ने दावा किया कि करीब चार दिन पहले फिर ऐसी घटना हुई। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखने वालों और उनके समर्थन में लिखने को लेकर विवाद हुआ तथा कथित बातचीत में बन्ना गुप्ता का नाम कई बार लिया गया। राय ने कहा कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग साकची थाना में उपलब्ध कराई गई है और इसकी जांच होनी चाहिए।

धमकी देने के भी लगाए आरोप

सरयू राय ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लिखने वालों को कथित तौर पर धमकाया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आपराधिक घटनाओं से उनका नाम जोड़ने, पुराने सहयोगियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करने और पुराने संबंधों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वह किसी धमकी या दबाव के कारण चुप नहीं बैठेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध जारी रखेंगे।

मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात की बात कही

सरयू राय ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और जमशेदपुर में उनके करीबी लोगों तथा शहर में चल रही गतिविधियों के संबंध में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी की छवि खराब करने, डराने या दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

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