मौत के बाद फूटा गुस्सा, 19 घंटे जाम में जकड़ा NH-220, मुआवजे के बाद खुली सड़क

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Rajnagar : Rajnagar प्रखंड के गमदेसाई गांव के पशुपालक Ratu Hansda (62) की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रिम्स में इलाज के दौरान निधन के बाद शव गांव लाए जाने पर परिजनों और ग्रामीणों ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर एनएच-220 (राजनगर-सरायकेला और चाईबासा-जमशेदपुर मार्ग) को गुरुवार रात 8 बजे से जाम कर दिया।

जाम का असर आम जनजीवन पर भी भारी पड़ा। राजनगर बाजार की दुकानें बंद रहीं और यात्रियों को खाने-पीने सहित आवश्यक वस्तुओं के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ी।



करीब 19 घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर लगभग 9 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। सरायकेला की ओर वाहन छोटादवाना तक, चाईबासा की ओर चालियामा तक और जमशेदपुर-बहरागोड़ा की दिशा में बड़ा सिजुलता तक जाम देखा गया। हालात इतने गंभीर थे कि साइकिल सवारों को भी गुजरने नहीं दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अंततः Joba Majhi के हस्तक्षेप के बाद उपायुक्त Nitish Kumar Singh के निर्देश पर परिजनों को एक लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई।



मुआवजा और अन्य सरकारी सहायता के आश्वासन के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।

बताया जाता है कि रातु हाँसदा 16 अप्रैल को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एमजीएम, फिर टीएमएच और अंततः रिम्स रांची में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और मुआवजा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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