Adra : रेलवे क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम और लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समपार (लेवल क्रॉसिंग) फाटक जागरूकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मंडल के संरक्षा संगठन की ओर से विभिन्न समपार फाटकों पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत गेटमैनों, सड़क उपयोगकर्ताओं एवं आम नागरिकों को रेलवे फाटक पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। संरक्षा कर्मियों ने पंपलेट वितरित कर लोगों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा रेलवे नियमों की जानकारी दी।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आम नागरिकों और वाहन चालकों की काउंसलिंग करते हुए बताया गया कि बंद रेलवे फाटक के नीचे से निकलना न केवल बेहद खतरनाक है, बल्कि यह दंडनीय अपराध भी है। लोगों से अपील की गई कि वे धैर्य रखें और फाटक खुलने के बाद ही रेलवे ट्रैक पार करें। साथ ही रेलवे लाइन पार करते समय मोबाइल फोन पर बात करने, ईयरफोन लगाने या म्यूजिक सुनने से बचने की सलाह दी गई।
मंडल के संरक्षा विभाग, सिविल डिफेंस, स्काउट्स एंड गाइड्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न रेलखंडों के समपार फाटकों पर अभियान चलाकर 11,253 नागरिकों एवं वाहन चालकों को रेलवे सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नुक्कड़ नाटक, वॉकाथॉन तथा एसएमएस जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया। इन माध्यमों से लोगों को यह संदेश दिया गया कि रेलवे फाटक पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समपार फाटक जागरूकता दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा संस्कृति को विकसित करना तथा लेवल क्रॉसिंग के अनुचित उपयोग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। रेलवे लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित यात्रा और सुरक्षित आवागमन के प्रति प्रेरित कर रहा है।
रेलवे का संदेश: “सुरक्षा सबसे पहले—बंद फाटक के नीचे से न निकलें, नियमों का पालन करें और सुरक्षित रहें।”








