हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज, सांसद प्रदीप वर्मा से मिला प्रतिनिधिमंडल

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Guwa : आदिवासी हो समाज युवा महासभा के प्रतिनिधियों ने किरीबुरू में राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा से मुलाकात कर हो भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को साल का पौधा भेंट कर राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए उनका आभार भी जताया।

महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि हो समाज पिछले चार से पांच दशकों से भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में कई बार उठ चुका है तथा दो राज्यों से इसकी अनुशंसा भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

प्रतिनिधियों ने बताया कि समाज की ओर से “दोलाबु-दिल्ली अभियान” के तहत हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाया जाता है। इसके तहत रेल जाम, सड़क जाम, रैली, पैदल यात्रा, साइकिल यात्रा, पोस्टकार्ड अभियान और धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।

महासभा के सदस्यों ने यह भी कहा कि समाज के प्रतिनिधि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और जनजातीय मामलों के मंत्री से भी कई बार मुलाकात कर अपनी मांग रख चुके हैं, बावजूद इसके अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।

इस पर राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को एक बार फिर प्रभावी ढंग से सरकार के समक्ष उठाएंगे।

मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता धनुर्जय लागुरी समेत अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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