Jamshedpur : सिखों के पांचवें गुरु एवं शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन देव जी की 401वीं शहादत को समर्पित छबील सेवा का आयोजन सोमवार को जिला न्यायालय परिसर में किया गया। यह आयोजन जिला बार एसोसिएशन के सम्मानित अधिवक्ताओं के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें आम राहगीरों, न्यायालय कर्मियों एवं अधिवक्ताओं के बीच ठंडे शर्बत और चना प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने भी प्रसाद ग्रहण कर गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। छबील सेवा के माध्यम से मानवता, सेवा और सद्भावना का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर अमरजीत कौर विश्वास, मलकीत सिंह सैनी, सुधीर कुमार पप्पू, राजीव सिंह सैनी, जगदीप सिंह गोल्डी, नरेंद्र सिंह, अभय सिंह, नंदकिशोर, लूसी, श्रेया, सोमा, कावेरी, बबिता जैन, मनप्रीत सिंह सैनी, सरदार शैलेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, अजीत सिंह गंभीर, उत्तर प्रदेश संघ के अध्यक्ष अखिलेश दुबे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं एवं समाजसेवियों ने सेवा कार्य में योगदान दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अरदास के साथ हुई, जिसमें समस्त मानव जाति एवं विश्व कल्याण की कामना की गई। वक्ताओं ने गुरु अर्जन देव जी के अद्वितीय बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सत्य, धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका जीवन आज भी सेवा, त्याग और सहिष्णुता की प्रेरणा देता है।
गौरतलब है कि गुरु अर्जन देव जी को मुगल शासनकाल में अमानवीय यातनाएं दी गई थीं, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों और आस्था से कभी समझौता नहीं किया। उनकी शहादत को सिख इतिहास में सर्वोच्च बलिदानों में से एक माना जाता है।









