पूर्वी सिंहभूम में बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिकों पर होगी कार्रवाई, सिविल सर्जन ने दिए सख्त निर्देश

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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे क्लीनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने स्पष्ट कहा है कि क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट 2010 को जिले में सख्ती से लागू किया जाएगा।

इस संबंध में शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय में ड्रग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने की।

बैठक में डॉ. साहिर पाल ने कहा कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार का क्लिनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर या पैथोलॉजी लैब संचालित नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अपंजीकृत संस्थानों द्वारा चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराने पर आर्थिक दंड, सजा या दोनों का प्रावधान है।

उन्होंने जिले के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों से जल्द से जल्द क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (CEA) के तहत पंजीकरण कराने की अपील की।


बैठक में डिस्ट्रिक्ट डाटा मैनेजर दिलीप कुमार ने कहा कि सभी चिकित्सकों को हेल्थ प्रोफेशन रजिस्ट्री (HPR) तथा निजी क्लिनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के अंतर्गत शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है।


बैठक में एसीएमओ डॉ. अजय सिन्हा, जिला कुष्ठ निवारण सह मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, डीडीएम दिलीप कुमार तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के समन्वयक संदीप सुरिन उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलेभर में पंजीकरण की स्थिति की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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