Jamshedpur : एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन रविवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूजा कमेटी के संरक्षक रघुवर दास के कर-कमलों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। भूमि पूजन के साथ ही इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई।
इस अवसर पर एग्रिको दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष वाई.पी. सिंह, महामंत्री भूपेंद्र सिंह समेत पूजा कमेटी के सभी पदाधिकारी और एग्रिको क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भूमि पूजन के दौरान मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।

पूजा कमेटी के अनुसार इस वर्ष एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल के निर्माण पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा करीब 2 लाख रुपये की लागत से बेलदा के कुशल कारीगर द्वारा तैयार की जाएगी।
पंडाल का निर्माण पश्चिम बंगाल के कोंटाई से आने वाले अनुभवी कारीगरों और मजदूरों द्वारा किया जाएगा। कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भव्य पूजा पंडाल के साथ आकर्षक मां दुर्गा की प्रतिमा और मेले का भी आयोजन किया जाएगा।
पूजा कमेटी ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करने और भव्य पंडाल एवं मेले का आनंद लेने की अपील की है। कमेटी ने कहा कि पूजा को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
भूमि पूजन कार्यक्रम में केंद्रीय दुर्गापूजा कमेटी के संस्थापक रामबाबू सिंह, महामंत्री आशुतोष, उपाध्यक्ष गौतम प्रसाद, रोहित, राजन कैब्रत, जयराम रजक, सौरव, शिबू दा, अभिषेक डे, अविनाश आइच, अनिल पांडेय, रमेश पांडेय, देवप्रकाश, निरंजन माझी, प्रसनजीत, अनिमेष सिंह, अमन सिंह, अमन कुमार, अभिषेक मिश्रा, अमित उपाध्याय, अरुण, प्रेम, बाला दुबे, चंदर, अजय, ब्रिज, सुशांतो पांडा, ललित, आशीष, रवि, ईश्वर, चंद्रशेखर सिंह, बीरेंद्र सिंह, सुशील श्रीवास्तव, बिपुल सिंह, राजन, बिनोद तिवारी, पटेल, जयदीप, सोहन, अजीत कुमार प्रसाद, रविंद्र पांडेय, सी.एस. राव, प्रसनजीत दास, ओ.पी. दास, संतोष, गणेश बिहारी, अभिनाश सुंडी, मनप्रीत (मन्ना), शैंकी, आदित्य, कौशिक स्वाइन, आकाश तिवारी, सुधीर कुमार बर्मा, शिवा, राजू, बिसू दा, अशोक कुमार ठाकुर, कालिका सिंह, अशोक सिंह, कार्तिक लकड़ा, विशाल महतो, चितरंजन तिवारी समेत बड़ी संख्या में पूजा कमेटी के सदस्य एवं एग्रिको के श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















