Adityapur : सरायकेला सदर अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अस्पताल के उपाधीक्षक ने नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज चौधरी एवं उनके समर्थकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग को लेकर सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां को पत्र भेजा है।
उपाधीक्षक कार्यालय से जारी पत्रांक 925, दिनांक 21 अगस्त 2026 में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ सदर अस्पताल परिसर में पहुंचकर हो-हल्ला करते हैं तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और धमकी देते हैं। पत्र में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं के कारण अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारी मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की जताई आशंका
उपाधीक्षक ने पत्र में आशंका जताई है कि अस्पताल में इस तरह की घटनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ सकता है। यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रही तो चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भयमुक्त वातावरण में काम करना मुश्किल हो सकता है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगातार ऐसी स्थिति बनी रहने पर चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष हड़ताल जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सिविल सर्जन से कार्रवाई का अनुरोध
अस्पताल के उपाधीक्षक ने सिविल सर्जन से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी, सरायकेला; पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां; अनुमंडल पदाधिकारी तथा उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बना रहेगा, बल्कि मरीजों को भी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

















