संघर्ष और जनसेवा की अमिट पहचान: पुतडू टोल प्लाजा में स्व. रामदास सोरेन की प्रतिमा का अनावरण

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Ghatshila : पुतडू टोल प्लाजा परिसर में पूर्व घाटशिला विधायक एवं पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की भव्य प्रतिमा का अनावरण भावनात्मक माहौल में किया गया। यह प्रतिमा उनके संघर्ष, जनसेवा और क्षेत्र के प्रति समर्पण की जीवंत स्मृति के रूप में स्थापित की गई है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी धर्मपत्नी सूरजमोनी सोरेन उपस्थित रहीं। उनके कर-कमलों द्वारा करीब 2.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने स्व. सोरेन के जनहित में किए गए कार्यों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

ज्ञात हो कि पुतडू टोल प्लाजा निर्माण के दौरान आसपास की लगभग 21 एकड़ भूमि नेशनल हाईवे द्वारा अधिग्रहित की गई थी, जो बाद में अनुपयोगी रह गई। इस मुद्दे को स्व. रामदास सोरेन ने गंभीरता से उठाते हुए प्रशासनिक स्तर से लेकर विधानसभा तक संघर्ष किया। उनके प्रयासों का ही परिणाम था कि जमीन मालिकों को उनका अधिकार वापस मिला।

इस संघर्ष में उल्दा पंचायत की तत्कालीन मुखिया सुमित्रा हेंब्रम, पूर्व जिला परिषद सदस्य तुलसी बाला मुर्मू और पुतडू टोल प्लाजा संघर्ष समिति के सदस्यों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सामूहिक प्रयास और स्व. सोरेन के नेतृत्व ने इस आंदोलन को सफल बनाया।

स्व. सोरेन के निधन के बाद उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए चंदन कुमार के नेतृत्व में यह प्रतिमा जमीन दाता ऋषि महतो की भूमि पर स्थापित की गई है।

कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। अपने संबोधन में सूरजमोनी सोरेन ने कहा कि स्व. रामदास सोरेन ने अपना संपूर्ण जीवन घाटशिला क्षेत्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विचार और आदर्श आज भी जीवित हैं, और जनता ने उनके पुत्र सोमेश चन्द्र सोरेन को जनसेवा का अवसर देकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।

इस अवसर पर पुतडू टोल प्लाजा संघर्ष समिति के दुखू सोरेन, राम सोरेन, हेम सोरेन, चन्द्रकांत महतो, बिस्वजीत महतो, टूना सोरेन और खोखन महतो सहित कई लोगों की भूमिका को सराहा गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन का संचालन वरिष्ठ नेता काजल डॉन ने किया।

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