Jamshedpur : सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा में ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (एमडीटी) 100 दिवसीय कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत निःशुल्क चर्म रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सहियाओं द्वारा चिह्नित 23 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि हुई। मरीज को निःशुल्क एमडीटी दवा उपलब्ध कराई गई।
कुष्ठ रोग के लक्षण और उपचार की दी जानकारी
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने उपस्थित सहिया, सहिया-साथी, बीएएफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों को ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान-2026 के तहत संचालित 100 दिवसीय कुष्ठ जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। यह अभियान 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक चलाया जा रहा है।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि शरीर पर किसी भी प्रकार का दाग हो और उस स्थान पर निश्चित रूप से सुनापन महसूस हो, तो यह कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग न तो अभिशाप है और न ही पिछले जन्म का पाप, बल्कि यह बैक्टीरिया से होने वाला रोग है। इसका उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।
उन्होंने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों, प्रकार, उपचार और इससे होने वाली दिव्यांगता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

सेल्फ केयर और पुनर्निर्माण सर्जरी पर जोर
एमपीडब्ल्यू जन्मेजय महतो ने कुष्ठ रोगियों के लिए सेल्फ केयर के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के माध्यम से कुष्ठ रोग से जुड़ी कुछ शारीरिक विकृतियों और दिव्यांगता को ठीक करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सहियाओं को कुष्ठ रोगियों की पहचान और देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी।
मरीजों को एमसीआर चप्पल और सेल्फ केयर किट वितरित
शिविर में जांच के बाद एक नए कुष्ठ रोगी की पुष्टि की गई और उसे निःशुल्क एमडीटी दवा दी गई। इसके अलावा आठ मरीजों को माइक्रोसेल्युलर रबर (एमसीआर) चप्पल तथा दो मरीजों को सेल्फ केयर किट उपलब्ध कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के माध्यम से लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षणों की समय पर पहचान कराने, जांच करवाने और समय रहते उपचार शुरू करने के प्रति जागरूक किया।
















