One Nation One Election : एक राष्ट्र, एक चुनाव’ भारत की ज़रूरत : रघुवर दास

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jamshedpur : देश में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से शनिवार को जमशेदपुर के तुलसी भवन, बिष्टुपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई सांसद विद्युत वरण महतो ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास शामिल हुए।



संगोष्ठी में प्रदेश भाजपा के प्रमुख नेता, अधिवक्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी संगठन, गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।



रघुवर दास ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि समय की मांग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार भारत को विरासत में मिली समस्याओं का समाधान करते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। चाहे वह धारा 370, राम मंदिर, जीएसटी, या तीन तलाक हो, अब बारी चुनावी सुधारों की है। बार-बार आचार संहिता लागू होने से विकास बाधित होता है, शिक्षकों की ड्यूटी लगती है, प्रशासनिक संसाधनों पर बोझ बढ़ता है—इन सब समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जरूरी है।



सांसद विद्युत महतो ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए 129वां संविधान संशोधन विधेयक लाया है। यह विधेयक 2029 से लोकसभा और 2034 से राज्य विधानसभाओं में एकसाथ चुनाव लागू करने की दिशा में कदम है। उन्होंने बताया कि 47 में से 32 राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया है और 83% आम नागरिकों के सुझाव भी इसके पक्ष में मिले हैं।



भाजपा प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले और प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद ने इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि 1951 से 1967 तक भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ होते थे। यह परंपरा टूटने के कारण अब हर वर्ष किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं, जिससे देश की कार्यशीलता प्रभावित होती है।



विधि विशेषज्ञ राजेश कुमार शुक्ल ने इस मुद्दे को लोकतंत्र को अधिक मजबूत, सशक्त और स्थिर बनाने वाला बताया। वहीं, सुधांशु ओझा, प्रसेनजित तिवारी, संजीव सिंह सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे। मौके पर मुख्य रूप से पूर्व विधायक मेनका सरदार, देवेंद्र सिंह, रामबाबू तिवारी, मिथिलेश यादव, मनोज सिंह, कल्याणी शरण, कुलवंत सिंह बंटी, रेणु शर्मा, मिली दास, सुबोध झा, प्रेम झा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व आम नागरिक मौजूद रहे।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.