JAMSHEDPUR : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जमशेदपुर पहुंचने पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री शहीद निर्मल महतो की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने उलियान स्थित उनके समाधि स्थल पहुंचे थे।
हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा और समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान हिदायतुल्लाह खान समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी शहीद निर्मल महतो को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग वीर शहीद निर्मल महतो को श्रद्धांजलि देने और उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड के गरीबों, किसानों और आम लोगों के हित में सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष सरकार के काम में बाधा डालने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस लड़ाई को भी जीतेगी और लोगों के अधिकार एवं सुविधाएं उनके घर तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है और एक वीर की कहानी दूसरे वीर के संघर्ष से जुड़ती चली जाती है।
वहीं हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि शहीद निर्मल महतो भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में निर्मल महतो की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय रही।
उन्होंने झारखंड की पहचान, अधिकार और अलग राज्य के सपने के लिए अपना जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया।
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि निर्मल महतो की शहादत ने झारखंड आंदोलन को नई ताकत दी।
उन्होंने कहा कि वीर शहीदों के संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप झारखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि शहीद निर्मल महतो की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उनके सपनों का झारखंड बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
















