नरवा पहाड़ माइंस में सात दिन बाद लौटी रफ्तार, त्रिपक्षीय वार्ता से टूटा गेट जाम
विधायक संजीव सरदार की मौजूदगी में बनी सहमति

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Jamshedpur:यूसिल नरवा पहाड़ माइंस में बीते सात दिनों से जारी गेट जाम और कार्य बहिष्कार का मंगलवार को सुखद अंत हो गया। धालभूम एसडीओ कार्यालय में आयोजित त्रिपक्षीय वार्ता में प्रशासन, यूसिल प्रबंधन और विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनते ही माइंस में दोबारा काम शुरू कर दिया गया। सहमति के तुरंत बाद बी शिफ्ट से उत्पादन कार्य बहाल हो गया।
वार्ता में यूसिल प्रबंधन ने डेथ केस के तहत तत्काल 8 लोगों की नियुक्ति पर सहमति जताई। साथ ही रिटायरमेंट और वीआरएस लेने वाले विस्थापितों के आश्रितों से 20 जनवरी 2026 तक आवेदन लेकर बोर्ड को भेजने का आश्वासन दिया गया। बोर्ड से अनुमोदन मिलने के बाद कुल 120 विस्थापितों को नियोजन देने पर सहमति बनी। यह जानकारी विस्थापित कमेटी के अध्यक्ष बुधराई किस्कू ने दी।
2014 और 2023 के समझौतों की याद दिलाकर शुरू हुआ आंदोलन
विस्थापित कमेटी के अध्यक्ष बुधराई किस्कू ने बताया कि वर्ष 2014 और 2023 में यूसिल प्रबंधन के साथ हुई त्रिपक्षीय बैठकों में डेथ केस, पीढ़ी-दर-पीढ़ी नौकरी और हर साल 8 लोगों की नियुक्ति पर सहमति बनी थी। इन्हीं समझौतों के अनुपालन की मांग को लेकर 12 जनवरी 2026 से विस्थापितों ने नरवा पहाड़ माइंस का गेट जाम कर दिया था, जिससे आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरा कार्य ठप हो गया था।
रविवार को टली बैठक, सोमवार को बनी सहमति
रविवार को पोटका अंचल अधिकारी की पहल पर प्रस्तावित बैठक उनकी अनुपस्थिति के कारण रद्द हो गई थी। इसके बाद सोमवार को धालभूम एसडीओ कार्यालय में बैठक तय हुई, जहां विधायक संजीव सरदार की मौजूदगी में प्रशासन, यूसिल प्रबंधन और विस्थापित प्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा के बाद आखिरकार सहमति बनी।
विधायक संजीव सरदार का कड़ा संदेश
बैठक में पोटका विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट कहा कि विस्थापितों के हक और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यूसिल प्रबंधन को तय समयसीमा में सभी सहमतियों को लागू करने का निर्देश दिया और भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं पूरे मामले की निगरानी करेंगे। विधायक ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब विस्थापितों का पुनर्वास और रोजगार सुनिश्चित हो।
बैठक में रहे ये लोग मौजूद
बैठक में यूसिल प्रबंधन की ओर से डीजीएम माहली, जीएम राकेश कुमार, गिरीश गुप्ता, एस.के. सेनगुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं विस्थापित कमेटी से अध्यक्ष बुधराई किस्कू, महासचिव मोचीराम सोरेन, राज दोहा ग्राम प्रधान युवराज टुडू, हाड़तोपा ग्राम प्रधान पर्वत किस्कू, झामुमो पोटका प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन, कार्यालय सचिव बुढ़न मुर्मू समेत कई प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रशासन की ओर से पोटका सीओ निकिता बाला भी बैठक में मौजूद थीं।

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