Jamshedpur : लौहनगरी जमशेदपुर में गुरुवार को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव पर श्रद्धा और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। जुगसलाई स्थित कुंवर सिंह चौक पर झारखंड क्षत्रिय संघ की बागबेड़ा एवं परसुडीह इकाई द्वारा आयोजित भव्य माल्यार्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और युवाओं की भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। पूरे परिसर में “वीर कुंवर सिंह अमर रहें” के नारों से देशभक्ति का माहौल गूंज उठा।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने वीर कुंवर सिंह के अदम्य साहस और संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। झारखंड क्षत्रिय महिला संघ की अध्यक्ष डॉ. कविता परमार ने कहा कि 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजों को परास्त करने वाले वीर कुंवर सिंह आज भी साहस और राष्ट्रभक्ति की मिसाल हैं। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
संघ के अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने अपने संबोधन में समाज की एकता और अखंडता पर जोर देते हुए कहा कि वीर कुंवर सिंह के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उन्होंने समाज को संगठित होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।कार्यक्रम के उपाध्यक्ष संजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि जुगसलाई में प्रतिवर्ष आयोजित यह कार्यक्रम हमारी ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
इस अवसर पर संघ के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बी.डी. सिंह ने किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने एक स्वर में वीरता और देशभक्ति के इस प्रतीक को नमन किया।










