Adityapur : सरायकेला-खरसावां समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी प्रखंड एवं अंचल स्तर पर नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने, योजनाओं की सतत निगरानी रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिया के सीधे उपलब्ध कराया जाए तथा राजस्व से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को सप्ताह में कम-से-कम एक से दो दिन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर आमजन की समस्याएं सुनने और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जर्जर शौचालयों के निर्माण, विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने, बैंक खाता खोलने और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु विशेष अभियान चलाने, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और लापरवाही पर कार्रवाई करने को कहा गया।
खाद आपूर्ति विभाग को राशन वितरण में शिकायतों की जांच कर दोषी डीलरों पर कार्रवाई करने तथा लाभुकों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग को बीज, उर्वरक एवं उपकरणों का समयबद्ध वितरण और किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़ने पर बल दिया गया।
इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा विभाग को पेंशन योजनाओं के अंतर्गत डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने, उद्योग एवं श्रम विभाग को अधिकाधिक लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने और मनरेगा व आवास योजनाओं के तहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
नगर विकास विभाग को स्वच्छता, पेयजल और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने को कहा गया। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और ऑन-स्पॉट सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तय लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।










