चांडिल डैम में हाथियों की जलक्रीड़ा, रात होते ही 50 से अधिक गांवों में दहशत

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Chandil : भीषण गर्मी के बीच चांडिल डैम एक बार फिर जंगली हाथियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है। पिछले कई दिनों से 15 से अधिक हाथियों का झुंड इलाके में डेरा डाले हुए है। दिन के समय ये हाथी कुकड़ू के बांदावीर क्षेत्र में डैम के पानी में उतरकर घंटों जलक्रीड़ा करते नजर आ रहे हैं।


जहां दिन में हाथियों की अठखेलियां पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, वहीं रात होते ही यही झुंड ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाता है। हाथी भोजन की तलाश में गांवों में घुसकर मकानों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं और खेतों में लगी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।

हाल ही में गुंडा गांव में तड़के एक हाथी ने राधानाथ महतो, कृष्णा महतो, हरिपद महतो और मिलन महतो के घरों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने मशाल और शोर मचाकर किसी तरह हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।

कुसपुतुल, काशीडीह, अंडा, रामनगर, नीमडीह समेत 50 से अधिक गांवों के लोग दहशत में हैं और रातभर पहरा देने को मजबूर हैं। कुकडू प्रखंड के सापारुम गांव में 10 दिन पहले हाथी के हमले में 55 वर्षीय एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।


वन विभाग के अनुसार दलमा वन्यजीव अभयारण्य से वर्षों पहले भटके हाथियों का यह झुंड अब ईचागढ़ क्षेत्र में सक्रिय है। भीषण गर्मी के कारण ये हाथी दोपहर और शाम के समय पानी की तलाश में डैम तक पहुंच रहे हैं।

वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रही है और उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है, हालांकि अब तक पूरी सफलता नहीं मिली है। विभाग ने ग्रामीणों से रात में सतर्क रहने, अकेले बाहर न निकलने और अलाव जलाकर रखने की अपील की है।

इस बीच, डैम में बोटिंग के दौरान पर्यटकों ने हाथियों को करीब से देखा, जिससे पर्यटन में हलचल बढ़ी है, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता भी गहराने लगी है।

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