Guwa : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को गुवा में श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद किया गया। रामनगर एवं बिरसा चौक स्थित उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत रामनगर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद बिरसा चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर गुवा सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार एवं महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ ऐतिहासिक उलगुलान का नेतृत्व कर आदिवासी समाज में स्वाभिमान और अधिकारों की चेतना जगाई। एक महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और धार्मिक नेता के रूप में उनका योगदान भारतीय इतिहास में अमिट है।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया तथा आदिवासी समाज को एकजुट कर अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उनके साहस, त्याग और समाज के प्रति समर्पण के कारण आज भी उन्हें आदिवासी समाज में “धरती आबा” और भगवान के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ याद किया जाता है।
कार्यक्रम में पश्चिमी पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी, पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी, पूर्व मुखिया कपिलेश्वर दोंगों, विश्वजीत तांती, जानों चातर, नरेश दास, रामा पांडे, अंतरयामी महाकुड़, सिकंदर पान, पुजारी सुशील पूर्ति समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने तथा समाज के उत्थान, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।








