Jamshedpur : टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हायर पेंशन स्कीम का लाभ दिलाने की मांग अब राजनीतिक स्तर पर भी जोर पकड़ने लगी है। बिद्युत बरण महतो ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की और ईपीएस-95 के तहत छूटे कर्मचारियों के लिए पोर्टल दोबारा खोलने का आग्रह किया।
सांसद महतो ने मंत्री को लिखे पत्र और व्यक्तिगत मुलाकात में बताया कि टाटा स्टील के कई रिटायर्ड कर्मचारियों का एक समूह उनसे मिला था। इन कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपकर कहा कि तकनीकी और व्यक्तिगत कारणों से वे हायर पेंशन योजना का लाभ नहीं ले सके, जिससे वे जीवनभर के लिए इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित हो गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा हमेशा कर्मचारियों के कल्याण की रही है, ऐसे में एक बार के लिए पोर्टल विंडो खोलना न्यायसंगत कदम होगा। सांसद ने सुझाव दिया कि यदि सीमित अवधि के लिए यह अवसर दिया जाता है, तो सभी पात्र पूर्व कर्मचारी इसका लाभ उठा सकेंगे।
महतो ने यह भी उल्लेख किया कि इस पहल से केवल जमशेदपुर क्षेत्र के ही लगभग 1200 टाटा स्टील के पूर्व कर्मचारी लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देने की भी मांग की।
वहीं, केंद्रीय मंत्री मांडविया ने इस मुद्दे को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार इस संभावना पर विचार करेगी कि किस प्रकार वंचित कर्मचारियों को योजना से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि व्यावहारिक समाधान निकलता है, तो इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला केवल एक कंपनी या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में ईपीएस-95 से जुड़े हजारों पेंशनभोगियों के लिए मिसाल बन सकता है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इस मांग पर क्या ठोस कदम उठाती है।











