Adityapur : उपायुक्त सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार आदित्यपुर थाना क्षेत्र में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA-2003), झारखंड संशोधित अधिनियम-2021, पीईसीए-2019 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के जिला परामर्शी अशोक यादव ने किया।
अभियान के दौरान आदित्यपुर थाना क्षेत्र की लगभग 14 दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में संचालित दुकानों पर विशेष निगरानी रखी गई। दुकानदारों को कोटपा अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विद्यालयों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों के आसपास तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं की जाए।
जिला परामर्शी अशोक यादव ने होटल संचालकों एवं प्रतिष्ठान प्रबंधकों को अपने परिसर में निर्धारित मानकों के अनुरूप “गैर धूम्रपान क्षेत्र” संबंधी सूचना-पट्ट एवं चेतावनी बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है और उल्लंघन की स्थिति में कोटपा अधिनियम की धारा-4 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, न्यायालयों एवं सरकारी कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने यह भी कहा कि खुली सिगरेट की बिक्री स्वास्थ्य चेतावनी संबंधी नियमों की भावना के विपरीत है, इसलिए विक्रेताओं को केवल पैकेटबंद उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा नियमित रूप से जांच एवं जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की लत से बचाया जा सके तथा स्वस्थ समाज के निर्माण को बढ़ावा मिल सके।









