Jamshedpur : Potka प्रखंड अंतर्गत मेजोगोड़ा के बढ़तल में आदिम भूमिज मुंडा कल्याण समिति, बुनुडीह की एक महत्वपूर्ण बैठक हातु मुड़ा लखिश्वर सरदार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में हरिना और आसपास के कई गांवों—मेजोगोड़ा, पतिसाई, नारदा, कुंदरूकोचा, बोंगाडूंगरी, कंदर, कोराडकोचा, देंगाम, फूलझारी, आतेझारी, रगड़ासाई, रुगड़ीसाई, जोजोडीह, सिगदी, सरजोमडीह, गोमेयासाई, पुखुरिया, बोड़ाम, बाड़ेडीह, बकमडीह, कोवाली, कैरासाई, पावरु, चाकड़ी, कलमडीह और पंड्यासाई के हातु मुड़ा, नाया और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक में ‘दिसुम हादी’ विषय पर चर्चा की गई। इस दौरान यह बात सामने आई कि समिति को अंधेरे में रखकर एक राजनीतिक दल के इशारे पर एक अस्थायी और अवैध कमेटी का गठन किया गया था, जिसे सर्वसम्मति से भंग कर दिया गया।
इसके बाद समाज के वरिष्ठ एवं प्रबुद्ध लोगों की देखरेख में आदिम भूमिज मुंडा कल्याण समिति, बुनुडीह का पुनर्गठन किया गया। निर्णय लिया गया कि यह समिति अब एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करेगी और किसी अन्य कमेटी के अधीन नहीं रहेगी।
समिति का मुख्य उद्देश्य समाज के धार्मिक कार्यों का संरक्षण तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना होगा। नई कमेटी में हीरो सिंह सरदार (नारदा) को अध्यक्ष, अभिषेक सरदार (संग्राम) को सचिव तथा कोकिल सरदार को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। साथ ही तीन महीने के भीतर अन्य पदों पर विस्तार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पूर्व अध्यक्ष श्रीपति सरदार, पूर्व सचिव रघुनाथ सरदार, दिसुम नाया सुशांत सरदार, युधिष्ठिर सरदार, कालीदास सरदार, कार्तिक सरदार, मोहन लाल सरदार, विभीषण सरदार, महीन सरदार, अवित्र सरदार, बुड्ढेश्वर सरदार, अजीत सरदार, सपन कुमार सरदार, श्रीकांत सरदार, बृहस्पति सरदार, उत्तम सिंह, मनोज सरदार, गुहीराम सरदार, हेमंत सरदार और रामचंद्र सरदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











