Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त Karn Satyarthi ने कदमा स्थित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान साफ शब्दों में कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों के परिणाम अब धरातल पर दिखने चाहिए। बैठक में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, फीडबैक आधारित सुधार और वित्तीय समावेशन को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि इससे युवाओं को वास्तविक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों से नियमित फीडबैक लेकर पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण पद्धति में आवश्यक बदलाव किए जाएं, ताकि कार्यक्रम अधिक प्रभावी बन सके।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने ब्यूटीशियन कोर्स की नई बैच से सीधा संवाद किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कौशल प्रशिक्षण का उपयोग कर युवा अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस दौरान पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सफल अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि RSETI के प्रशिक्षण ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है। उपायुक्त ने इसे योजनाओं की सफलता का उदाहरण बताते हुए अन्य युवाओं को भी इससे जुड़ने की अपील की।
वित्तीय समावेशन की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बैंकिंग संवाददाताओं (BCO) को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे केवल शिविर आयोजित करने तक सीमित न रहें। खातों की सक्रियता, ऋण वितरण और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में Bank of India के उप अंचल प्रबंधक अजीत कांत, एलडीएम संजीव कुमार चौधरी, NABARD की डीडीएम जास्मिका बास्के सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि कौशल विकास और वित्तीय सशक्तिकरण के जरिए ही जिले में आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सकती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।











