जिलास्तरीय एडवोकेसी की बैठक में प्री रेस्टोरेशन व पुनर्वास पर विशेष बल

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हितधारकों ने लिया संकल्प, पीड़ित बच्चों व महिलाओं के अधिकारों की रक्षा को मिलकर करेंगे कार्य

साहिबगंज: जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में शुक्रवार को झारखंड विकास परिषद के तत्वावधान में जिलास्तरीय एडवोकेसी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, सामाजिक कार्यकर्ता, बालक बाल गृह के सदस्य, एसोसिएट वॉलंटरी फॉर एक्शन, झारखंड विकास परिषद पतना के पदाधिकारी एवं कर्मी सहित कई हितधारकों ने भाग लिया। जहां बैठक में प्री रेस्टोरेशन और पुनर्वास की प्रक्रिया पर विशेष बल दिया गया। उधर झारखंड विकास परिषद की सचिव सुभाषिनी ने कहा कि पीड़ित बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा, कानूनी सहायता, परामर्श, आश्रय और शिक्षा उपलब्ध कराना उनका मौलिक अधिकार है। वही सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन ने बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा हेतु सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं से बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई। वही ममता कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता (मुक्ति साउथ एशिया) ने एएचटी क्लब, चाइल्ड फ्रेंडली सेंटर, वीएलसीपीसी जैसी समितियों की भूमिका स्पष्ट की और सुरक्षित पलायन पंजी व शिकायत सुझाव पेटी की जानकारी दी। जहां जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी ने कहा कि सभी स्रोत एवं गंतव्य राज्यों के बीच मजबूत समन्वय सुनिश्चित किया जाए तथा प्री रेस्टोरेशन प्रक्रिया में सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाएँ। वही बैठक में यह भी तय किया गया कि पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जहां बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि एडवोकेसी का उद्देश्य केवल चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे नीतिगत बदलाव, जनजागरूकता और व्यवहारिक सुधार से जोड़ना आवश्यक है। उधर बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने संकल्प लिया कि वे मिलकर पीड़ितों के हित में ठोस और परिणामकारी कदम उठाएँगे।

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