Adityapur : सरायकेला जिले के विजय गांव में शुक्रवार 1 मई की शाम एक बाल विवाह को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की टीम ने समय रहते रुकवा दिया। त्वरित कार्रवाई के कारण एक नाबालिग लड़की का भविष्य सुरक्षित हो सका।
मामले की जानकारी महिला थाना में प्रतिनियुक्त पारा लीगल वालंटियर तारामणि बंडिया को मिली, जिन्होंने तुरंत डीएलएसए को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंची।
टीम में कविता मिश्रा (चाइल्डलाइन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर), माया रानी महतो, महिला थाना प्रभारी कुमारी तिलोतमा, पीएलवी संजीव सहित अन्य सदस्य शामिल थे। जब टीम गांव पहुंची, तब नाबालिग की हल्दी रस्म की तैयारी चल रही थी।
अधिकारियों ने बच्ची के माता-पिता को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। लगातार समझाइश के बाद परिजन विवाह रोकने के लिए तैयार हो गए।
टीम ने परिवार को आश्वस्त किया कि बच्ची की शिक्षा जारी रखने में हर संभव मदद की जाएगी। साथ ही आशा इकाई के माध्यम से सहयोग और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भरोसा भी दिया गया।
यह कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चाइल्डलाइन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से संभव हो पाई, जिसकी क्षेत्र में सराहना की जा रही है।










