Potka : रंभा कॉलेज के हिंदी विभाग एवं रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के संयुक्त तत्वावधान में आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर संगीत शिक्षक रोनित रॉय ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान की जानकारी दी। वहीं, डॉ. भूपेश चंद्र ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और वाल्मीकि रामायण के दार्शनिक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कल्याणी कबीर ने कहा कि डाकू से महर्षि बनने की यात्रा का नाम महर्षि वाल्मीकि है। उनका जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि सही विचार और सकारात्मक सोच अपनाकर जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण और अच्छे विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन नित्या झा ने किया, जबकि सलोनी सरदार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

















