Adityapur : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से शनिवार को सिविल कोर्ट सरायकेला एवं अनुमंडलीय न्यायालय चांडिल में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वादकारीगण, लाभुक, अधिवक्तागण, पारा लीगल वालंटियर्स, बैंक अधिकारी एवं अन्य संबंधित पक्ष उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए सिविल कोर्ट सरायकेला एवं अनुमंडलीय न्यायालय चांडिल में कुल आठ बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों में बैंक ऋण वसूली, परक्राम्य लिखत अधिनियम, दीवानी वाद, विद्युत एवं वन विभाग से जुड़े मामले, मोटर वाहन अधिनियम, पुलिस अधिनियम के छोटे मामले, एमएसीटी एवं पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में कुल 6469 प्री-लिटिगेशन मामलों एवं 1261 लंबित मामलों का आपसी सुलह के आधार पर सफल निष्पादन किया गया। इस प्रकार कुल 7730 मामलों का निपटारा किया गया। डीएलएसए द्वारा बताया गया कि 15 मार्च से ही प्री-सिटिंग बेंचों का गठन कर लगातार मामलों के निष्पादन के प्रयास किए जा रहे थे, जिसका समापन राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ हुआ।
लोक अदालत के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि का राजस्व एवं समझौता राशि के रूप में निष्पादन किया गया। वहीं पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बेंच द्वारा बिखरे परिवार को पुनः एकजुट करने में सफलता मिली, जो लोक अदालत की मानवीय भावना को दर्शाता है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रामाशंकर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों में लगातार जागरूकता बढ़ रही है, जिसके कारण मामलों के निष्पादन की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है।
कार्यक्रम में न्यायाधिकारी वीरेश कुमार, बी.के. पांडेय, दीपक मल्लिक, लूसी सोसेन तिग्गा, अनामिका किस्कू, धृति धैर्या एवं तौसीफ मेराज ने सक्रिय भूमिका निभाई।











