नगर परिषद क्षेत्र 7 वार्डो को बरहेट अनुमंडल में शामिल नही करने को लेकर शिष्टमंडल ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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साहिबगंज: नगर परिषद् क्षेत्र के 7 वार्डो क्रमशः वार्ड संख्या 21 से लेकर 28 तक को नवनिर्मित बरहेट अनुमंडल में शामिल नहीं करते हुए साहिबगंज अनुमंडल क्षेत्र के सदर अंचल में शामिल किए जाने को लेकर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रामानंद साह के नेतृत्व में एक शिष्मंडल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय कक्ष में मिलकर मांग पत्र सौपा है। जहां सौंपे गए मांग पत्र में नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रामानंद साह ने बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार जिले के बरहेट प्रखंड को बरहेट अनुमंडल बनाया जाना तय है। जहां चर्चा यह भी है कि साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र के कुल लगभग सात वार्ड क्रमशः संख्या 21 से 28 तक को बरहेट अनुमंडल में शामिल किया जाएगा। जहां उन्होंने बताया कि इन 7 वार्डों में गरीब, मजदूर, आदिवासी, दलित व पिछड़ी जाति के लोग अधिक है, जिन्हें अपने अनुमंडल से संबंधित कार्यों को कराने के लिए लंबी दूरी तय करने के बाद बरहेट जाना पड़ेगा जो कि जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर है। वही लंबी दूरी होने के कारण लोगों को शारीरिक, मानसिक के साथ आर्थिक बोझ का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। साथ ही साथ जिला मुख्यालय के सभी सरकारी कार्यालय इन्ही क्षेत्र में आते हैं जैसे कि समाहरणालय, विकास भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, खनन कार्यालय, उद्योग विभाग, मंडल कारा, व्यवहार न्यायालय, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय, गंगा पम्प नहर, अग्नि शमन केन्द्र, बिजली विभाग सहित कई कार्यालय है।वही आए दिन किसी न किसी कारण से विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होती है ऐसी स्थिति में जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर बरहेट अनुमंडल से विधि व्यवस्था की निगरानी करनी होगी यह कि एक ही शहर को दो अनुमंडल में बाँटना न्याय संगत नहीं होगा। आगे श्री साह ने उपायुक्त से कहा कि आवेदन पर विचार करते हुए नगर परिषद् क्षेत्र के 7 वार्ड को सदर अंचल में शामिल कर साहिबगंज अनुमंडल के अंदर ही रहने दिया जाए ताकि आमलोगों को कठिनाइ‌यों का सामना नहीं करना पड़े। इस शिष्टमंडल में सुनील सिंह, गणेश तिवारी, डब्लू ओझा, संजय पटेल, धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य लोग थे।

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