तीन दशक की आस्था का उत्सव, मुखियाडांगा हरी मंदिर में चार दिवसीय अखण्ड हरिनाम संकीर्तन शुरू

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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के देवघर पंचायत अंतर्गत मुखियाडांगा स्थित हरी मंदिर में तीन दशकों से चली आ रही अटूट आस्था की परंपरा एक बार फिर भक्तिरस में सराबोर हो उठी है। शुक्रवार से यहां चार दिवसीय अखण्ड हरिनाम संकीर्तन महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ, जो 27 अप्रैल तक चलेगा।

एनएच-33 स्थित मुखियाडांगा (एमजीएम) का यह वार्षिक धार्मिक आयोजन अब क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। बीते 30 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह संकीर्तन न केवल भक्ति का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का भी सशक्त प्रतीक बन गया है।

मंदिर पूजा समिति के सदस्यों के समर्पण और निरंतर प्रयासों से इस आयोजन को हर वर्ष भव्य स्वरूप मिलता रहा है। समिति में आकाश गौड, चित्रसेन गौड़, दुर्गा चरण, अशोक महतो, अजीत गौड, रंजीत लाल गुप्ता, सूरज गौड, रवि महतो, मितन गौड, सोमनाथ प्रधान, मुन्ना गौड, कृष्णा सनिग्रही, प्रकाश गौड और प्रकाश पाल की सक्रिय भूमिका रही है।

चार दिवसीय इस आध्यात्मिक महोत्सव में सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन में दूर-दराज से आई प्रसिद्ध संकीर्तन मंडलियां अपनी भक्ति-रस से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। प्रमुख आकर्षण के रूप में उत्तम दास, मनोरंजन गोस्वामी, श्री श्री हरिनाम संकीर्तन मंडली, कृष्णपदो रजक, सजल अधिकारी और महावीर महतो की मंडलियां संकीर्तन प्रस्तुत करेंगी।

मंडलियों की मधुर और भावपूर्ण भक्ति धुनों से पूरे मुखियाडांगा समेत आसपास का क्षेत्र हरिनाम संकीर्तन के रंग में रंग जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आध्यात्मिक शांति, भक्ति और सामुदायिक जुड़ाव का विशेष अवसर साबित होगा।

आयोजन समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की अपील की है। समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक इसी भव्यता के साथ पहुंचाना उनका लक्ष्य है।

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