Jamshedpur : रजिस्ट्री में कथित धोखाधड़ी से जुड़े करीब 11 साल पुराने मामले में जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी धर्मेंद्र कुमार की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के परीक्षण के बाद भवानी हलदर, गणेश हलदर और रूबी झा को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
2015 में दर्ज कराया गया था मामला
यह मामला उलीडीह थाना से संबंधित है। परिवादी कार्तिक हलदर ने जनवरी 2015 में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468 और 427 के तहत मामला दर्ज कराया था। आरोप रजिस्ट्री कराने में कथित धोखाधड़ी से जुड़े थे। मामले को जीआर संख्या 306/2015 के तहत दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान एक गवाह की हुई गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान केवल एक गवाह की गवाही दर्ज हो सकी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही का परीक्षण करने के बाद तीनों आरोपियों को बरी करने का निर्णय सुनाया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने की पैरवी
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार और श्रीकांत चौरसिया ने पैरवी की। एसोसिएट अधिवक्ताओं के रूप में मिथिलेश सिंह, अक्षय कुमार झा, राजेश कुमार प्रमाणिक और रमेश प्रसाद ने भी सहयोग किया।
















