Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में खाद्यान्न वितरण की धीमी प्रगति और लापरवाही को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान गोलमुरी-सह-जुगसलाई, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो नगर निगम और पटमदा में खाद्यान्न वितरण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित चार प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (बीएसओ) को शो-कॉज करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगले महीने तक प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
पहले सप्ताह में पीडीएस दुकानों तक पहुंचाएं खाद्यान्न
बैठक में सितंबर 2026 के दौरान विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के परिवारों को खाद्यान्न वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस), डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी), नमक वितरण और मुख्यमंत्री चना दाल योजना की समीक्षा की गई।
खाद्यान्न की लिफ्टिंग और डोर स्टेप डिलीवरी में देरी पर उपायुक्त ने परिवहन अभिकर्ताओं एवं संवेदकों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में खाद्यान्न पीडीएस दुकानों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि 15 तारीख तक लाभुकों के बीच राशन वितरण पूरा हो सके। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई।
नमक और चना दाल वितरण में तेजी लाने का निर्देश
नमक और चना दाल वितरण की धीमी प्रगति पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी खाद्य सामग्रियों की किट तैयार कर एक साथ वितरण करने का निर्देश दिया, ताकि वितरण प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
अपात्र लाभुकों के नाम हटाने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि राशन कार्ड में आयकरदाता लाभुक का नाम दर्ज पाए जाने पर पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड से हटाया जाएगा। इसके साथ ही राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम जोड़ने और निष्क्रिय कार्डों को सक्रिय करने से संबंधित लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभुकों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सके।
लंबित शिकायतों और योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना, पीजीएमएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों, ईआरसीएमएस में जिला एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी स्तर पर लंबित आवेदनों, ई-केवाईसी, गोदामों की मरम्मत और दाल-भात केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं का पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन करने, खाद्यान्न वितरण की नियमित निगरानी रखने और लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने का निर्देश दिया।
बैठक में एडीएम (एसओआर) राहुल जी आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी सहित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, एमओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

















