Potka : पूर्वी सिंहभूम जिले के ब्यांगबिल पंचायत भवन में शनिवार को ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट एवं नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहल और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। शराब, गांजा और गुटखा जैसे नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में युवाओं को नशे से बचाना और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए जरूरी है कि युवा स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, अनुशासन बनाए रखें और समाज को सकारात्मक दिशा देने में योगदान दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया जा सकता है।
युवाओं ने ली नशामुक्त रहने की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। ग्राम प्रधान अशोक कुमार महतो ने कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण युवाओं में नई चेतना जगाने और सामाजिक बदलाव लाने में सहायक होते हैं।
वहीं, सिविल डिफेंस सदस्य विवेक कुमार त्रिवेदी ने युवाओं को अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक दायित्वों के महत्व से अवगत कराया। वक्ताओं ने ब्यांगबिल पंचायत को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
पंचायत के दर्जनों युवा और ग्रामीण हुए शामिल
कार्यक्रम में समाजसेवी मिटुस चंद्र सरदार, पूर्व वार्ड सदस्य मघराम चंद्र साकला माझी, पूर्व वार्ड सदस्य रवींद्रनाथ टुडू और वार्ड सदस्य अमित देवगम सहित पंचायत के दर्जनों युवा एवं ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे। सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक रूप से प्रयास करने पर जोर दिया।

















