बंगाभाषी समन्वय समिति की रजत जयंती में अतनु मिश्र की सुरों की जादूगरी

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Jamshedpur : जमशेदपुर के साकची स्थित रवींद्र भवन में झारखंड बंगाभाषी समन्वय समिति द्वारा अपने 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार उपस्थित रहे।

समिति के अध्यक्ष बिकाश मुखर्जी ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात समिति की रजत जयंती स्मारिका का विधिवत विमोचन किया गया, जिससे कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे जी बंगला सारेगामापा के चर्चित बाल गायक अतनु मिश्र, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने रवींद्र संगीत, नजरूल गीति, बंगला लोक गीत, श्यामा संगीत और हिंदी गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। “तोमर पुजार छले…”, “बेहाग जोदी न होय राजी…”, “के तुम तंद्रा हरनी…” और “ए मेरी ज़हरा ज़बीं…” जैसे गीतों ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। कुल मिलाकर उन्होंने लगभग 20 गीत प्रस्तुत कर समारोह को यादगार बना दिया।

इसके अलावा पौशाली सरकार ने अपनी मनमोहक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को आकर्षित किया, जिसे खूब सराहा गया।

कार्यक्रम का संचालन चंदन चंदों ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महासचिव संदीप सिन्हा चौधरी ने दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में विकास मुखर्जी, नेपाल दास, परेश कुमार नंदी, पूरबी घोष, अरुण दासगुप्ता, गोविंद मुखर्जी, बनश्री सरकार, तरुण अदाक, शौमि बोस, सोमा घोष, सुलेखा डे, शिल्पी सिंह, अभिषेक सिंह, तरुण बोस, परितोष बोस और दिलीप चटर्जी सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

रजत जयंती समारोह ने न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का परिचय दिया, बल्कि शहर के बंगाभाषी समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती से प्रस्तुत किया।

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