Potka : पोटका प्रखंड के ग्वालकाटा पंचायत अंतर्गत चंदनपुर गांव में 25 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित जाहेर थान घेराबंदी योजना लाभुक समिति के गठन को लेकर उत्पन्न विवाद में फंस गई है। गांव में दो अलग-अलग लाभुक समितियों के गठन के दावे के बाद स्थिति विवादित हो गई है, जिससे योजना के क्रियान्वयन पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
शुक्रवार को पूर्व में गठित लाभुक समिति के अध्यक्ष मकरो हेंब्रम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर दूसरी लाभुक समिति के गठन का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में गठित समिति को ही मान्यता देने की मांग करते हुए दूसरे पक्ष पर राजनीतिक साजिश और ग्रामसभा को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
मकरो हेंब्रम ने बताया कि जाहेर थान घेराबंदी योजना के लिए 8 मई 2025 को ग्राम प्रधान रामेश्वर हेंब्रम की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित कर लाभुक समिति का गठन किया गया था। इस समिति में मकरो हेंब्रम को अध्यक्ष, जादू हेंब्रम को सचिव और सिंगराई हांसदा को कोषाध्यक्ष चुना गया था।
उन्होंने दावा किया कि इस समिति को गांव के अधिकांश लोगों का समर्थन प्राप्त है और इसके बावजूद दूसरी समिति का गठन करना नियमों के विरुद्ध है। मकरो हेंब्रम ने आरोप लगाया कि कुछ लोग फर्जी ग्रामसभा दिखाकर पहले की समिति को निरस्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है।
वहीं दूसरे पक्ष के प्रतिनिधि एवं नायके रघुनाथ सोरेन का कहना है कि प्रखंड कार्यालय के निर्देश पर 11 जून को चंदनपुर जाहेर थान परिसर में ग्रामसभा आयोजित की गई थी। इस ग्रामसभा में नई लाभुक समिति का गठन किया गया, जिसमें ग्राम प्रधान रघुनाथ सोरेन को अध्यक्ष और नायके बाबा छोट राय सोरेन को सचिव चुना गया।
दूसरे पक्ष का दावा है कि नई समिति का गठन नियमानुसार किया गया है और योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए इसे मान्यता मिलनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह और पंचायत सचिव सूरज कुमार की मौजूदगी में आयोजित ग्रामसभा विवाद के कारण पूर्ण रूप से संपन्न नहीं हो सकी। हालांकि दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी लाभुक समितियों के गठन संबंधी दस्तावेज प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को सौंप दिए हैं।
एक ही योजना के लिए दो अलग-अलग समितियों के गठन के दावे से प्रशासन के सामने भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विवाद का समाधान नहीं होगा, तब तक जाहेर थान घेराबंदी योजना धरातल पर नहीं उतर पाएगी।
इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी नीरज सिंह ने कहा कि गांव में लाभुक समिति को लेकर विवाद गंभीर रूप ले चुका है। पूरे मामले की रिपोर्ट जिला कल्याण पदाधिकारी को भेजी जाएगी। उच्च स्तर से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि किस समिति को मान्यता दी जाए और योजना का कार्य आगे बढ़ाया जाए।
फिलहाल चंदनपुर गांव में जाहेर थान घेराबंदी योजना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और पूरे गांव की निगाहें अब प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई हैं।









