बिना अनुरोध आने लगे Facebook OTP, साइबर ठगों का नया जाल; सतर्क नहीं रहे तो मिनटों में हैक हो सकता है अकाउंट

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Guwa:  साइबर अपराधियों ने अब लोगों के सोशल मीडिया खातों को निशाना बनाने के लिए नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। हाल के दिनों में कई लोगों को बिना किसी अनुरोध या लॉगिन प्रयास के ही Facebook OTP (वन टाइम पासवर्ड) संदेश प्राप्त हो रहे हैं। यह स्थिति साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

ताजा मामला किरीबुरू का है, जहां एक व्यक्ति के WhatsApp पर अचानक “67328 is your Facebook confirmation code” का संदेश प्राप्त हुआ। हैरानी की बात यह रही कि संबंधित व्यक्ति ने न तो Facebook में लॉगिन करने की कोशिश की थी और न ही पासवर्ड रीसेट करने का कोई अनुरोध किया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह साइबर अपराधियों की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अपराधी पहले किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी जुटाते हैं और फिर Facebook पर लॉगिन या पासवर्ड रीसेट की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप Facebook द्वारा भेजा गया OTP सीधे उपयोगकर्ता के मोबाइल पर पहुंचता है। इसके बाद ठग फोन कॉल, WhatsApp संदेश, सोशल इंजीनियरिंग या फर्जी लिंक के माध्यम से OTP हासिल करने का प्रयास करते हैं।

साइबर सुरक्षा जानकारों का कहना है कि OTP मिलते ही अपराधी संबंधित Facebook अकाउंट पर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। इसके बाद वे निजी फोटो, चैट और व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वे मित्रों और रिश्तेदारों से पैसे मांगने, फर्जी पोस्ट प्रकाशित करने तथा अन्य सोशल मीडिया खातों तक पहुंच बनाने की भी कोशिश कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी परिस्थिति में अपना OTP किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, Facebook में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्रिय रखें, संदिग्ध लॉगिन गतिविधियों की नियमित जांच करें और समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें।

यदि किसी व्यक्ति को लगातार ऐसे OTP संदेश प्राप्त हो रहे हैं या कोई व्यक्ति फोन अथवा संदेश के माध्यम से OTP मांग रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज करानी चाहिए या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराध अब केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं रह गया है। अपराधी अब लोगों की डिजिटल पहचान, प्रतिष्ठा और निजी सूचनाओं को भी निशाना बना रहे हैं। ऐसे में डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच  है।

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