तिरुलडीह गांव में हाथियों का आतंक, तोड़े घर, खाए अनाज – वन विभाग बना रहा दर्शक

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सरायकेला : सरायकेला ज़िले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत रसूनिया पंचायत के तिरुलडीह गांव में बीती रात जंगली हाथियों के एक झुंड ने जबरदस्त उत्पात मचाया। हाथियों ने कालीपद कुम्हार सहित दो परिवारों के कच्चे मकानों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और घर में रखा हुआ सारा अनाज खा गए। घटना देर रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है।


पीड़ितों ने भागकर बचाई जान

घरों को तोड़ते समय की आवाज़ सुनकर पीड़ित परिवार किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने प्रशासन और वन विभाग को सूचित किया, तब भी कोई मदद नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।

हर शाम गांव में घुसते हैं हाथी

स्थानीय लोगों के अनुसार, चांडिल जलाशय के आसपास के जंगलों में डेरा डाले हाथियों का यह झुंड प्रतिदिन शाम ढलते ही भोजन की तलाश में गांवों की ओर रुख करता है। खासकर कच्चे मकानों को वे अधिक निशाना बनाते हैं, लेकिन अब पक्के मकान भी सुरक्षित नहीं हैं।



वन विभाग की उदासीनता पर सवाल

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में वन्य प्राणियों का यह लगातार हो रहा पलायन वन विभाग की नाकामी को उजागर करता है। दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, जो कि हाथियों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, आज खुद हाथियों को सुरक्षित आवास और पर्याप्त भोजन नहीं दे पा रही है।



कहां गया संरक्षण का करोड़ों का बजट?

सरकार द्वारा करोड़ों रुपये वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए आवंटित किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर हालात बिल्कुल विपरीत हैं। अगर समय रहते उपाय नहीं किए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

ग्रामीणों की मांग: हाथियों को रोका जाए, मुआवजा दिया जाए

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए और हाथियों के आतंक से स्थायी राहत मिले। साथ ही वन विभाग को इलाके में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

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