धार्मिक उन्माद में डूबीं बेटियां, मां-बाप और बहन पर भी किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल

Share करें

✓ Link copy हो गया!

सरायकेला। झारखंड के सरायकेला नगर क्षेत्र में सोमवार रात एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जगन्नाथ मंदिर के पास स्थित एक घर में तीन बहनों ने अपनी ही नानी की कथित तौर पर *देवी बलि* के नाम पर निर्मम हत्या कर दी। मृतका 65 वर्षीय सुमित्रा नायक, बेगनाडीह की निवासी थीं और अपनी बेटी रवीना खंडाइत के घर आई हुई थीं। बताया जा रहा है कि रवीना और उनके पति अमर खंडाइत ‘मंगला माँ’ की साधना में लिप्त रहते थे और परिवार में तांत्रिक क्रियाएं आम थीं।

देवी की सवारी का दावा, फिर नानी की बलि

पूजा-पाठ के दौरान, घर की सबसे बड़ी बेटी 19 वर्षीय तनीषा और उसकी दो नाबालिग बहनों वीणा और टीना ने अचानक लकड़ी काटने वाली धारदार दाउली से सुमित्रा नायक पर हमला बोल दिया। तीनों का दावा था कि उन पर मंगला माँ की सवारी आई है और देवी बलि मांग रही हैं। हत्याकांड के दौरान जब माता-पिता बीच-बचाव के लिए आगे आए, तो बेटियों ने उन्हें भी पीट दिया। यहां तक कि चौथी बहन, जो खुद भी नाबालिग है, को भी बुरी तरह मारकर घायल कर दिया गया।



घटना को छुपाने की कोशिश, फिर ग्रामीणों ने दी सूचना

मृतका के बेटे दिलीप नायक के अनुसार, रात 8:30 से 9:00 बजे के बीच यह घटना हुई। सबसे पहले जब दिलीप वहां पहुंचे, तो बहनों ने इसे महज घरेलू झगड़ा बताकर मामला टालने की कोशिश की। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और सूचना के बाद पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।

पुलिस जांच और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद की तैयारी

फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तीनों बहनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। दो आरोपी नाबालिग हैं, लिहाजा पुलिस किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक पारिवारिक विवाद या हत्या का मामला नहीं है, बल्कि धार्मिक उन्माद, अंधविश्वास और तांत्रिक सोच की गहरी जड़ें इस घटना के पीछे काम कर रही हैं। फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद लेने की भी तैयारी चल रही है।

इलाके में भय का माहौल, प्रशासन सतर्क

घटना के बाद से सरायकेला नगर क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, यह घटना सामाजिक चेतना और धार्मिक अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर भी सवाल खड़े कर रही है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, समाज के उस अंधेरे कोने की परतें खोलता है

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें