चांडिल के हाड़ात गांव में हाथियों का कहर, बच्ची व मां की मौत पर हरे लाल महतो का सरकार पर हमला

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Chandil : सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत हाड़ात गांव में जंगली हाथियों के हमले में मां-बेटी की मौत और दो बुजुर्गों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव एवं ईचागढ़ के वरिष्ठ विपक्षी नेता हरे लाल महतो ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है।

हरे लाल महतो ने कहा कि बीती रात हुई इस घटना में एक 13 वर्षीय बच्ची और उसकी मां की दर्दनाक मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने इसे महज हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग हाथी-मानव संघर्ष का शिकार होते रहेंगे। “क्या गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं है?”—यह कहते हुए उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि हर बार ऐसी घटनाओं के बाद केवल मुआवजा देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।

महतो ने हेमंत सरकार और ईचागढ़ के विधायक को घेरते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो समय पर अलर्ट सिस्टम की व्यवस्था है और न ही रात के समय वन विभाग की प्रभावी निगरानी, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने विधायक निधि से उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि जरूरत के समय यह सेवा उपलब्ध क्यों नहीं होती। हालांकि उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर “जन सेवा ही लक्ष्य” के तहत निशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

शनिवार को हरे लाल महतो ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हाड़ात गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और घायलों के इलाज में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

इस दौरान उन्होंने चांडिल वन विभाग के प्रभारी रेंजर से फोन पर बात कर घायलों के बेहतर इलाज की मांग की और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, हाथियों की गतिविधियों पर नियंत्रण तथा निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

महतो ने मांग की कि हाथी-मानव संघर्ष को रोकने के लिए स्थायी रणनीति बनाई जाए और प्रभावित गांवों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आजसू पार्टी जनहित में सड़क से सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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