विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, असीत नाथ तिवारी ने कांग्रेस का थामा हाथ

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Bihar  Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व भाजपा नेता असीत नाथ तिवारी ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस प्रदेश कार्यालय, सदाकत आश्रम में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में उन्होंने बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार की मौजूदगी में पार्टी में पुनः वापसी की।

गौरतलब है कि असीत नाथ तिवारी पहले कांग्रेस के प्रवक्ता रह चुके हैं। करीब एक साल पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। लेकिन अब एक बार फिर वे कांग्रेस की ओर लौट आए हैं।



अमानवीयता का आरोप, भाजपा से गहरी नाराज़गी

सोमवार को असीत नाथ तिवारी ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से भाजपा से इस्तीफे की घोषणा की थी, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गई। मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए तिवारी ने भाजपा नेतृत्व पर “अमानवीयता” का गंभीर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए रेप और उसकी मौत के मामले में भाजपा नेताओं का रवैया अत्यंत संवेदनहीन रहा, जिससे वे अंदर तक आहत हो गए। तिवारी ने बताया कि जब बच्ची पटना के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही थी, तब उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जयसवाल से मदद की गुहार लगाई थी। जवाब में प्रदेश अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा था, “तुम पत्रकार नहीं हो, हर अस्पताल में ऐसे मरीज मिलते हैं।”



पोस्ट हटाने का बनाया गया दबाव, लेकिन नहीं झुके असीत

असीत नाथ ने बताया कि उक्त घटना से व्यथित होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उन पर पोस्ट हटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल को दबाव में पोस्ट हटाना पड़ा, जबकि वे अपने स्टैंड पर कायम रहे।

बीबी

यह कोई पहली बार नहीं है जब असीत नाथ तिवारी ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाया हो। वे लगातार पार्टी के रवैये और नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने के भाजपा के निर्णय से वे खासे असहज थे। यही कारण था कि वे बीते कुछ समय से पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे थे।



कांग्रेस में वापसी से मिला नया सियासी संदेश

असीत नाथ तिवारी की कांग्रेस में वापसी को सियासी हलकों में भाजपा के लिए बड़ा नुकसान और कांग्रेस के लिए एक नैतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। यह घटनाक्रम विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की ओर भी इशारा कर रहा है।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.