Jamshedpur : जनगणना-2027 के तहत संचालित पहले चरण का मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सर्वेक्षण कार्य जिले में युद्धस्तर पर पूरा कर लिया गया है। हालांकि सर्वेक्षण के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगणकों को कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। कई स्थानों पर मकानों पर संख्या अंकित की गई और परिवारों से विस्तृत जानकारी जुटाई गई। इस प्रक्रिया के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि इस सर्वेक्षण का उद्देश्य क्या है और इससे उन्हें क्या लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत 2 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सर्वेक्षण का कार्य किया गया। इस दौरान जिले में लगभग 10 हजार प्रगणकों एवं कर्मियों ने घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र की। सर्वेक्षण के तहत परिवारों से मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, परिवार की संरचना और अन्य बुनियादी जानकारियों से जुड़े कुल 33 प्रश्न पूछे गए।
सर्वेक्षण के दौरान एकत्रित आंकड़ों को मोबाइल आधारित एचएलओ (House Listing Operation) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया गया। मकानों पर विशेष संख्या अंकित कर उन्हें जनगणना रिकॉर्ड से जोड़ा गया, ताकि आगामी चरण में जनसंख्या गणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
इस संबंध में प्रगणक संजय कुमार ने बताया कि मकान गणना और सूचीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में सुपरवाइजर लॉगिन के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों को सिस्टम पर अपलोड एवं सत्यापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी लंबित आंकड़ों का सत्यापन और क्लियरेंस कार्य 5 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान चरण केवल मकानों और आवासीय इकाइयों की गणना से संबंधित था। जनगणना का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। इस चरण में नागरिकों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में मदद करते हैं। यही कारण है कि मकान सूचीकरण और जनसंख्या गणना को देश की विकास योजनाओं की आधारशिला माना जाता है।
फिलहाल जिले में पहले चरण के आंकड़ों के सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि अब लोगों की नजर फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना पर टिकी हुई है।









