Manoharpur : बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को मनोहरपुर स्थित सेंट अगस्तीन हाई स्कूल में ‘फॉस्टर केयर’ (पालक देखरेख) योजना पर एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), चाईबासा के तत्वावधान में ‘मिशन वात्सल्य’ के तहत किया गया।
संगोष्ठी में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोहरपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रखंड में फॉस्टर केयर योजना का क्रियान्वयन संतोषजनक है और यदि समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़े तो इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों एवं संरक्षकों को किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत संचालित फॉस्टर केयर योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने गैर-संस्थागत देखरेख के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पारिवारिक माहौल अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर यूनिसेफ झारखंड एवं CCR-NUSRL, रांची के विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया, जबकि उदयपुर (राजस्थान) की फॉस्टर केयर सोसाइटी ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। संवादात्मक सत्र के दौरान अभिभावकों ने भी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और योजना को लेकर सकारात्मक रुचि दिखाई।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि फॉस्टर केयर योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।











