नुक्कड़ नाटक और गीतों से जागरूकता, सरायकेला-खरसावां में अंधविश्वास व साइबर फ्रॉड के खिलाफ अभियान तेज

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Seraikela : जिले में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सौजन्य से व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में लोक कला मंच खरसावां, छऊ नृत्य कला केंद्र खरसावां और जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन के कलाकारों ने विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जागरूक किया।

अभियान के तहत सरायकेला प्रखंड के हुदू पंचायत अंतर्गत कुमारडाही और मनोहरपुर गांवों के साथ-साथ राजनगर प्रखंड के डुमरडीहा पंचायत के बुरूडीह और विक्रमपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों के माध्यम से डायन प्रथा, अंधविश्वास और साइबर फ्रॉड जैसे गंभीर मुद्दों पर ग्रामीणों को सचेत किया।

नुक्कड़ नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया कि किसी भी बीमारी का इलाज झाड़-फूंक या ओझा-गुणी के पास नहीं, बल्कि चिकित्सकों के पास है। कलाकारों ने स्पष्ट किया कि बीमारी को डायन प्रथा से जोड़ना न केवल अंधविश्वास है, बल्कि इससे समाज और परिवार को अपूरणीय क्षति होती है। ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करें।

इसके साथ ही कार्यक्रम में झारखंड डायन प्रथा निषेध कानून-2001 के प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि लोग कानून के प्रति जागरूक हो सकें और ऐसी कुरीतियों के खिलाफ खड़े हो सकें। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए साइबर सुरक्षा के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई, जिसमें सुरक्षित डिजिटल लेन-देन और धोखाधड़ी से बचने के तरीकों को बताया गया।

अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर एक शिक्षित, सुरक्षित और कुरीति-मुक्त समाज का निर्माण करना है। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों को ग्रामीणों ने सराहा और इसे समाज के लिए बेहद उपयोगी पहल बताया।

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