जमशेदपुर में कंवाई चालकों का आंदोलन 25वें महीने में, न्यूनतम मजदूरी की मांग पर अड़े

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Jamshedpur : लौहनगरी में कंवाई चालकों का लंबा चला आ रहा आंदोलन अब 25वें महीने में पहुंच गया है, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। टाटा मोटर्स से जुड़े इस मामले में चालक न्यूनतम मजदूरी और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार हड़ताल पर डटे हुए हैं।

कंवाई चालक ज्ञान सागर ने बताया कि टाटा मोटर्स द्वारा निर्मित भारी वाहनों और चेसिस को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने वाले चालकों को मात्र 370 रुपये में 24 घंटे तक काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में यह मजदूरी न सिर्फ बेहद कम है, बल्कि राज्य सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी से भी नीचे है।


चालकों का आरोप है कि उन्हें ईएसआई, पीएफ और बीमा जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मानवीय आधार पर उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की है।


ज्ञान सागर के अनुसार यह आंदोलन 1 मार्च 2024 से लगातार जारी है। इस दौरान जिला प्रशासन, उपायुक्त (डीसी), श्रम अधीक्षक (डीएलसी) सहित कई अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर अपनी बात रखी, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

करीब 43 वर्षों से कंवाई चालक के रूप में कार्यरत ज्ञान सागर ने कहा कि अब उन्हें न्याय के लिए न्यायपालिका और भगवान पर ही भरोसा रह गया है। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजे जा चुके हैं।


वर्तमान में कंवाई चालक कॉमिक्स गेट के सामने मैदान में भीषण गर्मी के बीच डटे हुए हैं। वे वहीं खाना बनाकर खा रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

चालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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