डीप बोरिंग विवाद पर साक्ष्य मिटाने का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

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Jamshedpur :  बालीगुमा सुखना बस्ती में डीप बोरिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड पार्षद राजेश सिंह द्वारा बिल्डर को लाभ पहुंचाने के आरोप के बाद अब मामले में साक्ष्य मिटाने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि विधायक द्वारा किए गए डीप बोरिंग के शिलान्यास से जुड़े शिलापट्ट और चबूतरे को कथित रूप से आनन-फानन में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद जल्दबाजी में पूर्व निर्धारित स्थान पर दोबारा शिलापट्ट लगाकर बोरिंग कार्य शुरू कर दिया गया।



स्थानीय लोगों की शिकायत पर जब वार्ड पार्षद दोबारा मौके पर पहुंचे, तो पाया कि पहले का शिलापट्ट गायब था और चबूतरे को भी तोड़ा जा चुका था। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता Vikas Singh ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला गंभीर अनियमितता और संभावित घोटाले से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि “अंधेर नगरी चौपट राजा” जैसी स्थिति बनी हुई है और इसमें प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका है।

विकास सिंह ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।

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