Jamshedpur : ओल्ड पुरुलिया रोड की खस्ताहाल स्थिति एक बार फिर शहर की राजनीति के केंद्र में आ गई है। सड़क की बदतर हालत पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री के दावों और वर्तमान हालात के बीच गंभीर विरोधाभास सामने आ रहा है। पूर्व मंत्री महोदय ने यह रेखांकित किया है कि अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने इस सड़क का दो बार निर्माण/रिपेयरिंग कराया था, बावजूद इसके आज सड़क फिर से जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि “अलकतरा और पानी एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं”—यह बात तकनीकी रूप से सही हो सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में अब सवाल यह उठ रहा है कि विकास कार्य और पूर्व मंत्री महोदय खुद भी कहीं एक-दूसरे के दुश्मन तो नहीं रहे?
आमजन यह जानना चाहता है कि आखिर ऐसा कौन सा मटेरियल इस्तेमाल किया गया, जिसकी वजह से एक ही सड़क को पांच साल में दो बार बनाना पड़ा। सामान्यतः एक सड़क कम से कम पांच से छह साल तो टिकनी ही चाहिए। ऐसे में बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ना, सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की आशंका को जन्म देता है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि यदि पूर्व मंत्री महोदय के कार्यकाल में इस सड़क के निर्माण या रिपेयरिंग में भ्रष्टाचार नहीं हुआ, तो फिर पांच साल में दो बार निर्माण की नौबत क्यों आई?
वहीं, माननीय सरयू राय पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस सड़क के निर्माण/मरम्मत के लिए 22 दिसंबर 2025 को ही पत्राचार किया जा चुका था। वर्तमान में राज्य में सरकार पूर्व मंत्री की ही पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की है। ऐसे में आरोप है कि फाइलों को जानबूझकर दबाकर रखा गया है, ताकि राजनीतिक लाभ उठाते हुए सरयू राय की छवि धूमिल की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब घटिया राजनीति का हिस्सा है, जो ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है। आरोप यह भी है कि सरकार यदि काम करना भी चाहे, तो पूर्व मंत्री अपने निहित स्वार्थों के चलते उसे रुकवा देते हैं। जनता को हो रही परेशानी से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
अब सवाल सीधा और साफ है— क्या ओल्ड पुरुलिया रोड की समस्या के समाधान में माननीय सरयू राय की मेहनत में कोई कमी है, या फिर पूर्व मंत्री की मंशा ही इस काम को रोककर राजनीतिक फायदा उठाने की है? इसका जवाब शायद वह पत्र और सरकारी फाइलें देंगी, जिन्हें सार्वजनिक करने की मांग अब जोर पकड़ रही है।









