वीर बाल दिवस पर साहिबजादों की शहादत को नमन, जमशेदपुर में चित्र प्रदर्शनी सह विचार गोष्ठी का आयोजन

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Jamshedpur:जमशेदपुर में वीर बाल दिवस के अवसर पर सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों—बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह—की अद्वितीय वीरता, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में आयोजित चित्र प्रदर्शनी सह विचार गोष्ठी में साहिबजादों की अमर शहादत को केंद्र में रखकर राष्ट्रभक्ति और धर्मरक्षा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था—युवा पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान से अवगत कराना और उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर साहस, त्याग व राष्ट्रनिष्ठा को आत्मसात करने का आह्वान करना। वक्ताओं ने कहा कि अल्पायु में भी साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस और आत्मबल का परिचय दिया, वह आज के युवाओं के लिए पथप्रदर्शक है।
इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं झारखंड भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता गीता कोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साहिबजादों का बलिदान केवल सिख समाज तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र की साझा विरासत है। वीर बाल दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि देश और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च त्याग का संकल्प ही सच्ची देशभक्ति है।
कार्यक्रम स्थल पर साहिबजादों के जीवन, उनके संघर्ष, अत्याचार के विरुद्ध अडिग संकल्प और अमर शहादत को दर्शाती चित्र प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। चित्रों के माध्यम से इतिहास के वे पन्ने जीवंत हुए, जिन्होंने उपस्थित युवाओं और नागरिकों को गहरे स्तर पर प्रेरित किया। बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि साहिबजादों का जीवन सच्चाई, साहस और बलिदान के मार्ग पर अडिग रहने की सीख देता है। युवाओं से आग्रह किया गया कि वे इन आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। आयोजन प्रेरणादायी और गरिमामय वातावरण में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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