पोटका के 20 पंचायतों में पेयजल-बिजली-सफाई की स्थायी सुविधा की मांग, संजीव सरदार ने विधानसभा में उठाया मुद्दा

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jamshedpur : पोटका विधानसभा क्षेत्र के लगभग एक लाख से अधिक लोगों की मूलभूत समस्याओं को पोटका विधायक संजीव सरदार ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि टाटा स्टील की परिधि में आने के बावजूद पोटका क्षेत्र के बागबेड़ा, कीताडीह, घाघीडीह, करनडीह समेत 20 पंचायत आज भी पेयजल, बिजली, और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

कंपनी की परिधि में रहकर भी सुविधाओं से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण – विधायक सरदार

विधानसभा में बोलते हुए विधायक सरदार ने कहा कि इन पंचायतों में बड़ी संख्या में टाटा समूह के स्थायी, अस्थायी और ठेका मजदूर रहते हैं, जो वर्षों से कंपनी को अपनी मेहनत देते आए हैं। उन्होंने कहा टटा स्टील की 3 से 5 किलोमीटर परिधि में बसने वाले ये ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित हैं। यह बेहद दुखद है कि जिन लोगों की मेहनत से कंपनी चलती है, वही लोग स्वच्छ पानी, साफ-सफाई, सड़क-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।”

20 पंचायतों के नाम सहित समस्या का विस्तृत उल्लेख

उन्होंने सदन में बताया कि बागबेड़ा, कीताडीह, घाघीडीह, करनडीह, पुड़ीहासा, केरुवाडूंगरी, ब्यांगबिल सहित कुल 20 पंचायतों के लोग प्रतिदिन गंभीर समस्याओं का सामना करते हैं।

टाटा स्टील की CSR गतिविधियाँ इन पंचायतों में स्थायी रूप से लागू नहीं होने के कारण—

पेयजल की भारी किल्लत,

बिजली आपूर्ति में अनियमितता,

सफाई एवं कचरा प्रबंधन की कमी,

नागरिक सुविधाओं की उपेक्षा जैसी समस्याएँ वर्षों से बनी हुई हैं।


विधायक सरदार ने विधानसभा के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया कि टाटा स्टील को अनिवार्य रूप से CSR के तहत इन सभी पंचायतों में पेयजल, सफाई, बिजली एवं अन्य नागरिक सुविधाएँ स्थायी रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने कहा कि इससे पोटका विधानसभा क्षेत्र के लगभग 1 लाख परिवारों का जीवनस्तर सुधरेगा और उन्हें वह बुनियादी अधिकार मिलेगा जिसके वे हकदार हैं।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें