Guwa:गुवा सेल खदान प्रबंधन के खिलाफ ठाकुरा गांव में ग्रामीणों का गुस्सा अब उबाल पर है। शुक्रवार सुबह 10 बजे झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के बैनर तले गांव में आयोजित बड़ी बैठक में सैकड़ों ग्रामीण जुटे। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी प्रशांत चाम्पिया ने की।
बैठक में ग्रामीणों ने साफ-साफ कहा कि खदान चालू होने के बाद से उन्हें सीएसआर के तहत एक भी सुविधा नहीं दी गई। न पेयजल व्यवस्था, न चिकित्सा सेवा, न ही विद्यालय से जुड़े संसाधन—सब कुछ बंद पड़ा है।
प्रशांत चाम्पिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि
“सेल प्रबंधन ने लिखित में वादा किया था कि गांव के 500 युवाओं को ठेका मजदूर के रूप में नौकरी दी जाएगी, लेकिन आज तक एक भी युवक को मौका नहीं मिला।”
ग्रामीणों का कहना है कि खदान के सिविल और ट्रांसपोर्टिंग कार्यों में बाहरी लोगों को ठेका देकर प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि गांव की स्थानीय समिति को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे गांव में बेरोजगारी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बैठक में तय हुआ कि अब ग्रामीण सेल प्रबंधन के किसी भी आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे।
यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो गुवा सेल का चक्का जाम किया जाएगा। यूनियन जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी।
बैठक में प्रशांत चाम्पिया, बबलू चाम्पिया, मदन चाम्पिया, राजेश चाम्पिया, सपना चाम्पिया, यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे, रितेश पाणीग्राही सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।









