संघर्षों से प्रशासनिक सेवा तक: जमशेदपुर की अंकिता कुमारी बनीं डिप्टी कलेक्टर

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Ranchi:समर्पण, संतुलन और संकल्प की मिसाल पेश करते हुए जमशेदपुर की बेटी अंकिता कुमारी ने झारखंड प्रशासनिक सेवा में उप-समाहर्ता (Deputy Collector) के पद पर चयन पाकर शहर का गौरव बढ़ा दिया है। JPSC परीक्षा में 30वीं रैंक हासिल करने वाली अंकिता को शुक्रवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर अंकिता के साथ उनके पति कन्हैया कुमार और तीन वर्षीय बेटी संस्कृति श्रृंगारिका भी मौजूद रहीं। मंच से उतरते ही अंकिता की आंखें नम थीं—भावनाएं, संघर्ष और उपलब्धि का अद्भुत संगम।

अंकिता जमशेदपुर के जाने-माने भाजपा नेता अंकित आनंद की बड़ी बहन हैं। उनके पिता बिनोद तिवारी और माता सीमा देवी, टेल्को के निवासी, शुरुआत से ही बेटी की शिक्षा और करियर के लिए संघर्षरत रहे। अंकिता की स्कूली शिक्षा विद्या भारती चिन्मय विद्यालय, टेल्को से हुई। 2021 में उनका विवाह बेगूसराय के सिमरिया गाँव—राष्ट्रकवि दिनकर के आदर्श ग्राम—में हुआ।

“मां–पिता के संघर्ष और बेटी की मुस्कान ने ताकत दी”

अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकिता ने कहा—
“आज जो भी पाया है, वह मेरे माता-पिता के त्याग, मेरे पति के सहयोग और मेरी बेटी की मासूम मुस्कान से मिली ताकत का परिणाम है। निजी दायित्वों, अध्ययन और मातृत्व—इन सबको संतुलित करना आसान नहीं था, लेकिन परिवार मेरे साथ रहा।”

उन्होंने आगे कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिकता रहेगा—
निष्पक्षता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सेवा।

जमशेदपुर और टेल्को में खुशी की लहर

अंकिता की उपलब्धि से टेल्को और पूरे जमशेदपुर में उत्साह का वातावरण है। युवा वर्ग उन्हें आदर्श के रूप में देख रहा है। उनका सफर यह संदेश देता है कि—
परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता तय है।

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