“प्रोजेक्ट अन्वेषण 2.0” के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी कंपनियों व संस्थानों में कराए जाएंगे एक्सपोजर विजिट,
डीसी अनन्य मित्तल ने की तैयारियों की समीक्षा

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जमशेदपुर। सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को उद्योगों और तकनीकी संस्थाओं के वास्तविक कार्य परिवेश से जोड़ने की दिशा में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल—प्रोजेक्ट अन्वेषण 2.0—की शुरुआत की गई है। इस संबंध में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त श्री अनिकेत सचान सहित जिले की विभिन्न निजी कंपनियों और तकनीकी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इस परियोजना के दूसरे चरण में जिले के 25 सरकारी स्कूलों के 9वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा। 8 मई को प्रस्तावित इस एक्सपोजर विजिट के दौरान छात्र विश्वस्तरीय तकनीकी, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं का दौरा करेंगे, जहां उन्हें आधुनिक तकनीकों, कार्य संस्कृति, शोध, निर्माण प्रक्रियाओं और व्यावसायिक कौशलों की प्रत्यक्ष जानकारी दी जाएगी।



चिन्हित संस्थान और भ्रमण स्थलों की सूची:

जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, शूटिंग रेंज, टाटा मोटर्स, सीएसआईआर-एनएमएल, रूसी मोदी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एनटीटीएफ, टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज, जे.एन. टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, आईडीटीआर-कमिंस, और जूलॉजिकल पार्क शामिल हैं।

उद्देश्य और लाभ:

इस भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को—

वैश्विक खेल सुविधाओं, फिटनेस व टीमवर्क के महत्व,

शूटिंग अनुशासन और लक्ष्य साधने की सटीकता,

वाहन निर्माण की जटिल प्रक्रियाएं,

सामग्री विज्ञान और धातुकर्म में अनुसंधान,

शहरी सेवाओं के संचालन और सतत विकास,

वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की समझ
जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराया जाएगा।


चयनित विद्यालयों में शामिल हैं:

बहरागोड़ा, बोड़ाम, चाकुलिया, धालभूमगढ़, घाटशिला, गुड़ाबांदा, मुसाबनी, पटमदा, पोटका और जमशेदपुर के विभिन्न सरकारी हाई स्कूल एवं प्लस टू विद्यालय जैसे खंडामौदा, पारूलिया, केरूकोचा, कदमा, मानपुर, जादूगोड़ा, पोटका गर्ल्स स्कूल आदि।

बैठक में बच्चों के परिवहन, भोजन, स्वास्थ्य सुरक्षा और गर्मी के मद्देनज़र विशेष सावधानियों की विस्तृत रूपरेखा तय की गई। उपायुक्त श्री मित्तल ने इस पहल को छात्रों के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया और सभी संबंधित संस्थानों से समन्वय बनाकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

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