Seraikela : सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राजकीय चैत्र पर्व के उद्घाटन समारोह के दौरान जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री से सम्मानित जीवित हस्तियों की अनदेखी को लेकर विवाद गहरा गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पद्मश्री सम्मानित हस्तियों को श्रद्धांजलि देकर की गई, लेकिन उद्घाटन के समय जीवित पद्मश्री सम्मानित महिलाओं को मंच पर आमंत्रित नहीं किया गया। उद्घाटन समारोह में जोबा मांझी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों—संजय सरदार, सोनाराम बोदरा और मनोज कुमार चौधरी—द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया, जबकि जिले का नाम रोशन करने वाली दो पद्मश्री सम्मानित महिलाएं दर्शक दीर्घा में बैठी रहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान इन महिलाओं को मंच पर बुलाने की कोई औपचारिक घोषणा तक नहीं की गई। इससे नाराज होकर चामी मुर्मू कार्यक्रम बीच में छोड़कर घर लौट गईं। वहीं दूसरी पद्मश्री सम्मानित छुटनी महतो को बाद में दिवंगत पद्मश्री परिजनों के साथ मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कार्यक्रम की शुरुआत ही पद्मश्री हस्तियों को श्रद्धांजलि देकर की गई, तो जीवित सम्मानित व्यक्तियों को उचित सम्मान न देना प्रशासन के दोहरे रवैये को दर्शाता है। इस घटना से लोगों में नाराजगी साफ देखी गई।
वहीं, कार्यक्रम से नाराज दिखीं छुटनी महतो ने स्पष्ट कहा कि यदि उन्हें दोबारा इस तरह बुलाया गया, तो वे भविष्य में ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होंगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सांस्कृतिक आयोजनों में सम्मान और संवेदनशीलता के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।










